1857 की क्रान्ती

1857 की क्रान्ती के कारण

  1. राजनैतिक कारण

डलहौजी की हड़प नीति

गोद निषेध

बिना बताये राज्यो को हड़प लिया

  1. आर्थिक कारण

कच्चे मालो को सस्ते  में खरीदता

मशीन से निकले माल को महगा बेचना

  1. सैन्य कारण

भारत और अंग्रेज के बीज सैनिको से भेदभाव

अंग्रेजी लोग हमेसा उच्च पदो पर सेना में रहते थे

  1. सामाजिक कारण

सती प्रथा का अन्त

नर बली को समाप्त किया

  1. धार्मिक कारण

इनफील्ड राइफल में गाय सुअर की चर्बी युक्त कारतूस का प्रयोग

  1. तत्कालिक कारण

चर्बी युक्त कारतूस का प्रयोग

मंगल पाण्डेय 34वी वाहनी के थे जिन्होने इस क्रान्ति की शुरवात की

1857 की क्रान्ति के प्रचार

क्रम संख्या नेतृत्व तिथि केन्द्र ब्रिटिस सेनापति समाप्त होने की तिथि
1 बहादुर साह जफर,जफर वक्त खां 11,12 मई 1857 दिल्ली निकलनसन और हडसन

निकलसन की मृत्यु हो गई

20 सितम्बर 1857
2 नाना साहब 5 जून 1857 कानपुर कैम्पन बेल 6 सितम्बर 1857
3 बेगम हजरत महल 4 जून 1857 लखनऊ कैम्पन बेल मार्च 1858
4 रानी लक्ष्मी बाई 5 जून 1857 झांसी,ग्वालियर ह्यूरोज अप्रेल 1858
5 लियाकत अली जून 1857 इलाहाबाद,बनारस कर्नल नील 1858
6 बाबू कुवर सिंह अगस्त 1857 जगदीश पुर बिहार टेलर एवं आयल 1858
7 खान बहादुर खां 1857 बरेली कैम्पन बेल 1858
8 मौलवी अहमद उल्ला 1857 फैजाबाद कैम्पन बेल 1858

 

परिणाम

गर्वनर जनरल के पद को समाप्त करके वायसराय के पद को लाया गया

भारतीयो को तोपो पर से हटा दिया गया

3:2 के अनुपात में भारतीय तथा अंग्रेज सैनि को रखा

असफलता के कारण

पढ़े लिखे लोग सामिल नही हुए

दक्षिण भारत के लोग सामिल नही हुए

कोई निश्चित उद्देश्य नही था

क्रान्ती पूरे देश में नही फैली

इसका कोई नेतृत्व करने वाला नही था

क्रान्ती की शुरवात समय से पहले हो गई

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