उच्चतम न्यायालय

भारत का सर्वोच्च न्यायालय

नाम उच्चतम न्यायालय
स्थान नई दिल्ली
अधिकार क्षेत्र पूरे भारत में(कुछ मामलों में जम्मू कश्मीर को छोड़कर)
स्थापना 28 जनवरी 1950
न्यायधीशों की संख्या 31
न्यायधीशों का कार्यकाल 65 वर्ष
वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा

 

भारत के उच्चतम न्यायालय की स्थापना 28 जनवरी 1950 को हुई, यह नई दिल्ली में स्थित है, इसका आदेश पूरे भारत में लागू होते है लेकिन जम्मू कश्मीर में धारा 370 के होने के कारण यह वहां के लिये सभी आदेश लागू नही होते है उच्चतम  न्यायालय में 1 मुख्य न्यायाधीश तथा 30 अन्य न्यायाधीश होते है सभी की रिटायर होने की उम्र 65 वर्ष होती है। या उसके पहले किसी दुरव्यवहार के कारण हटाने के लिये संसद में दो तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित करना होता है जिसे महाभियोग कहा जाता है, जिसके बाद उसे राष्ट्रपति व्दारा हटाया जा सकता है उच्चतम न्यायालय में ऩियुक्त होने वाली पहली महिला न्यायाधीश 1987 में फातिमा बीबी थी, शुरू में न्यायाधीशो की कुल संख्या 7 थी जिसमें एक मुख्य न्यायधीश सामिल था वर्ष 1956 में 11, 1960 में 14, 1978 में 18 तथा 1986 में 26 तक की वृद्धि कर दी गयी

न्यायाधीश बनने की योग्यता

  1. भारत का नागरिक हो
  2. कम-से-कम 5 वर्षों तक किसी उच्च न्यायालय का न्यायाधीश रह चुका हो
  3. कम-से-कम 10 वर्षों तक किसी उच्च न्यायालय में वकालत कर चुका हो
  4. राष्ट्रपति के मत में कानून का ज्ञाता हो

वेतन

सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का वेतन 1 लाख रुपये प्रति माह तथा अन्य न्यायाधीशों का वेतन 90 हज़ार रुपये प्रति माह दिया जाता है। सर्वोच्च न्यायालय के वेतन तथा भत्ते भारत की संचित निधि से दिये जाते है। किसी भी परिस्थितियों में न्यायाधीशों के वेतन एवं भत्ते कम नहीं किये जा सकते हैं

भारत के संविधान के अनुच्छेद 124 में सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश व अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति का प्रावधान किया गया है

उच्चतम न्यायालय के अधिकार

प्रारम्भिक क्षेत्राधिकार

अनुच्छेद 131 के अनुसार भारत सरकार या दो राज्यो के बीच विवाद

मौलिक अधिकार से संबन्धित विवाद

अपीलीय अधिकार

निचली अदालतो के विरुध्द अपील सुनने का अधिकार

नोट→उच्च न्यायालय के विऱुध्द अपील तभी की जा सकती है जब उच्च न्यायालय व्दारा यह कहा जाय कि इस निर्णय को सर्वोच्च न्यायालय व्दारा दिया जाना आवश्यक है

परामर्श संबंधी अधिकार

राष्ट्रपति आवश्यक्ता पड़ने पर अनुच्छेद 143 के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय से सलाह मांह सकता है लेकिन वह इस पर अमल करे या न करे यह राष्ट्रपति पर निर्भर है

अभिलेख न्यायालय

अनुच्छेद 129 के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय एक अभिलेख न्यायालय है उसको अपनी अवमानना के लिए दंड देने की शक्ति सहित ऐसे न्यायालय की सभी शक्तियाँ प्राप्त होगी

रिट न्यायालय

मूल अधिकार की स्थित में कोई भी व्यक्ति अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में रिट कर सकता है सुप्रीम कोर्ट मूल अधिकार का रक्षक होता है

अन्य अधिकार

यह राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति के चुनाव से सम्बंधित विवाद निपटाता है.

यह संघ लोक सेवा आयोग एवं राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्षों एवं सदस्यीं को उसके पद से हटाने की सिफारिश करता है.

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